How to use delta exchange platefom - crypto trading in india

 Delta Exchange App का उपयोग कैसे करें 

क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग और डेरिवेटिव्स में दिलचस्पी रखने वालों के लिए, Delta Exchange एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है। यह एक ऐसा एप्लिकेशन है जो आपको क्रिप्टो डेरिवेटिव्स (फ्यूचर्स, ऑप्शन्स, और अन्य वित्तीय उत्पाद) में ट्रेडिंग करने की सुविधा प्रदान करता है। इस लेख में हम Delta Exchange ऐप का उपयोग करने के हर पहलू को विस्तार से समझेंगे, ताकि आप इसे आसानी से और प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकें।




Delta Exchange App क्या है?

Delta Exchange एक क्रिप्टो डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जो उपयोगकर्ताओं को बिटकॉइन, एथेरियम, सोलाना, और अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी पर फ्यूचर्स और ऑप्शन्स ट्रेड करने का मौका देता है। इस प्लेटफॉर्म की खास बात यह है कि यहां आप लीवरेज ट्रेडिंग भी कर सकते हैं, जो आपके लाभ को कई गुना बढ़ा सकता है (हालांकि जोखिम भी उतना ही अधिक होता है)।


Delta Exchange App डाउनलोड और रजिस्ट्रेशन

स्टेप 1: ऐप डाउनलोड करें

  • Android: Google Play Store पर जाएं और "Delta Exchange" ऐप सर्च करें।
  • iOS: Apple App Store से Delta Exchange ऐप डाउनलोड करें।
  • Delta Exchange का ऑफिशियल वेबसाइट (https://delta.exchange) पर भी QR कोड स्कैन करके ऐप इंस्टॉल किया जा सकता है।

स्टेप 2: अकाउंट बनाएं (Registration)

  1. ऐप ओपन करें और "Sign Up" पर क्लिक करें।
  2. ईमेल आईडी और पासवर्ड दर्ज करें।
  3. यदि आपके पास कोई रेफरल कोड है, तो उसे डालें।
  4. ईमेल वेरीफिकेशन करें।
  5. अब आपका अकाउंट तैयार है।

स्टेप 3: KYC पूरा करें

Delta Exchange पर ट्रेडिंग शुरू करने के लिए, KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

  1. अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, या अन्य दस्तावेज़ अपलोड करें।
  2. 24-48 घंटे में KYC प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
  • Delta Exchange India
  • Delta Exchange App

  • Delta Exchange पर फंड जमा करना (Depositing Funds)

    Delta Exchange पर ट्रेडिंग शुरू करने के लिए आपके अकाउंट में बैलेंस होना जरूरी है।

    1. क्रिप्टो डिपॉजिट करें

    • Deposit सेक्शन में जाएं।
    • वह क्रिप्टोकरेंसी चुनें जिसे आप जमा करना चाहते हैं (जैसे बिटकॉइन या USDT)।
    • प्लेटफ़ॉर्म एक वॉलेट एड्रेस देगा। इसे कॉपी करें और अपने क्रिप्टो वॉलेट से ट्रांसफर करें।

    2. फिएट डिपॉजिट (Fiat Deposit)

    • यदि आप फिएट करेंसी (USD, INR) का उपयोग करना चाहते हैं, तो प्लेटफॉर्म आपको इसे क्रिप्टो में बदलने का विकल्प देता है।
    • डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, या बैंक ट्रांसफर का उपयोग करके फिएट डिपॉजिट करें।



    Delta Exchange पर ट्रेडिंग कैसे करें?

    1. डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग का चयन करें

    Delta Exchange मुख्य रूप से फ्यूचर्स और ऑप्शन्स ट्रेडिंग के लिए लोकप्रिय है।

    • फ्यूचर्स ट्रेडिंग: क्रिप्टो की भविष्य की कीमत पर ट्रेड करें।
    • ऑप्शन्स ट्रेडिंग: यह आपको किसी निश्चित समय पर किसी संपत्ति को खरीदने/बेचने का अधिकार देता है।

    2. ट्रेडिंग का तरीका चुनें

    • Limit Order: अपनी पसंद की कीमत पर ऑर्डर सेट करें।
    • Market Order: मौजूदा मार्केट प्राइस पर तुरंत ऑर्डर करें।
    • Stop-Loss Order: संभावित नुकसान से बचने के लिए एक प्राइस पॉइंट सेट करें।

    3. लीवरेज का उपयोग करें

    Delta Exchange आपको लीवरेज (उधारी) पर ट्रेड करने की सुविधा देता है।

    • उदाहरण: 10x लीवरेज का मतलब है कि आप अपने फंड्स का 10 गुना ट्रेड कर सकते हैं।
    • लेकिन ध्यान रखें, लीवरेज बढ़ने से जोखिम भी बढ़ता है।

    Delta Exchange के मुख्य फीचर्स

    1. विकल्प ट्रेडिंग (Options Trading)

    Delta Exchange पर आप कॉल और पुट ऑप्शन्स ट्रेड कर सकते हैं।

    • Call Option: जब आपको लगता है कि कीमत बढ़ेगी।
    • Put Option: जब आपको लगता है कि कीमत गिरेगी।

    2. स्टेबलकॉइन आधारित ट्रेडिंग

    यह प्लेटफॉर्म USDT और अन्य स्टेबलकॉइन्स के आधार पर ट्रेडिंग की अनुमति देता है, जिससे क्रिप्टो की अस्थिरता से बचा जा सकता है।

    3. ट्रेडिंग बॉट्स (Trading Bots)

    Delta Exchange पर ऑटोमेटेड ट्रेडिंग के लिए ट्रेडिंग बॉट्स का उपयोग किया जा सकता है।

    • ट्रेडिंग बॉट्स आपकी रणनीतियों के आधार पर 24/7 काम करते हैं।

    4. विविध प्रोडक्ट्स

    • Interest Rate Swaps
    • Move Contracts: ये कॉन्ट्रैक्ट्स मार्केट में अस्थिरता के आधार पर ट्रेडिंग की सुविधा देते हैं।

    Delta Exchange पर लाभ और जोखिम

    लाभ (Advantages):

    1. उच्च लीवरेज: अधिक लाभ कमाने की संभावना।
    2. विस्तृत विकल्प: फ्यूचर्स, ऑप्शन्स, और अन्य डेरिवेटिव्स।
    3. सुरक्षा: यह प्लेटफॉर्म अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीकों का उपयोग करता है।
    4. यूज़र-फ्रेंडली इंटरफेस: इसका ऐप और वेबसाइट दोनों ही उपयोग में सरल हैं।
    5. ऑटोमेटेड ट्रेडिंग: ट्रेडिंग बॉट्स की सुविधा।


    जोखिम (Risks):

    1. लीवरेज ट्रेडिंग का जोखिम: बड़े लाभ के साथ बड़ा नुकसान भी हो सकता है।
    2. क्रिप्टोकरेंसी की अस्थिरता: कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव।
    3. KYC आवश्यकताएं: बिना KYC के ट्रेडिंग सीमित है।
    4. शुरुआती उपयोगकर्ताओं के लिए जटिलता: फ्यूचर्स और ऑप्शन्स ट्रेडिंग समझना कठिन हो सकता है।

    Delta Exchange पर सुरक्षा

    Delta Exchange अपने उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।

    • Two-Factor Authentication (2FA): लॉगिन और ट्रांजैक्शन्स के लिए।
    • कोल्ड स्टोरेज: उपयोगकर्ताओं की अधिकांश क्रिप्टोकरेंसी को ऑफ़लाइन स्टोरेज में रखा जाता है।
    • एन्क्रिप्शन: सभी डेटा को एन्क्रिप्ट किया जाता है।

    टिप्स और ट्रिक्स

    1. रिसर्च करें

    ट्रेडिंग करने से पहले, मार्केट की स्थिति और ट्रेंड्स का विश्लेषण करें।

    2. छोटे निवेश से शुरुआत करें

    शुरुआत में बड़े निवेश से बचें। ट्रेडिंग की प्रक्रिया को समझने के बाद धीरे-धीरे निवेश बढ़ाएं।

    3. स्टॉप-लॉस का उपयोग करें

    स्टॉप-लॉस सेट करना अनिवार्य है, ताकि आप बड़े नुकसान से बच सकें।

    4. नियमित रूप से अपडेट रहें

    क्रिप्टो मार्केट में तेजी से बदलाव होते हैं। नई रणनीतियों और तकनीकों को सीखते रहें।

    5. लीवरेज का सावधानीपूर्वक उपयोग करें

    लीवरेज से ट्रेडिंग करने से पहले संभावित नुकसान का ध्यान रखें।



    भारत में Delta Exchange का उपयोग कैसे करें?

    1. ऐप या वेबसाइट पर साइन अप करें

    • Delta Exchange का उपयोग शुरू करने के लिए, आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट (https://delta.exchange) पर जाकर या ऐप डाउनलोड करके रजिस्टर कर सकते हैं।
    • साइन अप करने के बाद, आपको KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसमें पहचान और पते का सत्यापन शामिल है।

    2. क्रिप्टोकरेंसी के साथ फंड जमा करें

    • Delta Exchange भारतीय उपयोगकर्ताओं को बिटकॉइन (BTC), Tether (USDT), या अन्य क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से फंड जमा करने की अनुमति देता है।
    • आप अपने मौजूदा क्रिप्टो वॉलेट से फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।

    3. ट्रेडिंग शुरू करें

    • आप विभिन्न ट्रेडिंग विकल्प जैसे फ्यूचर्स, ऑप्शन्स, और स्वैप्स का उपयोग कर सकते हैं।
    • Delta Exchange लीवरेज ट्रेडिंग की सुविधा भी देता है, जो आपकी पूंजी के अनुपात में अधिक ट्रेडिंग की अनुमति देता है।

    क्या भारत में Delta Exchange का उपयोग करना कानूनी है?

    भारत में क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग को लेकर स्पष्ट नियम नहीं हैं, लेकिन यह पूरी तरह से अवैध भी नहीं है।

    1. आरबीआई का रुख:
      2018 में, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित सेवाएं प्रदान करने से रोका था। हालांकि, 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया।
      इसका मतलब यह है कि भारतीय उपयोगकर्ता क्रिप्टोकरेंसी खरीदने, बेचने, और ट्रेड करने के लिए स्वतंत्र हैं।

    2. टैक्सेशन:
      2022 में भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी पर कराधान (taxation) की घोषणा की। भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग से होने वाले लाभ पर 30% टैक्स लगाया जाता है, और हर लेन-देन पर 1% TDS (Tax Deducted at Source) भी कटता है।

      • यदि आप Delta Exchange पर लाभ कमाते हैं, तो आपको अपनी आयकर रिटर्न में इसकी जानकारी देनी होगी।
    3. विदेशी एक्सचेंज का उपयोग:
      Delta Exchange एक अंतरराष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म है। भारतीय उपयोगकर्ता इसे स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकते हैं, बशर्ते वे RBI और FEMA (Foreign Exchange Management Act) के नियमों का पालन करें।


    Delta Exchange के भारत में उपयोग के फायदे और सीमाएं

    फायदे:

    1. डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग का विकल्प:
      Delta Exchange आपको क्रिप्टोकरेंसी फ्यूचर्स और ऑप्शन्स में ट्रेडिंग करने की सुविधा देता है, जो अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स पर उपलब्ध नहीं है।

    2. उच्च लीवरेज:
      यह प्लेटफ़ॉर्म लीवरेज ट्रेडिंग की सुविधा देता है, जो छोटे निवेशकों को अधिक ट्रेडिंग करने में मदद करता है।

    3. मल्टी-क्रिप्टोकरेंसी सपोर्ट:
      आप बिटकॉइन, एथेरियम, सोलाना, और अन्य क्रिप्टोकरेंसी पर ट्रेड कर सकते हैं।

    4. ऑटोमेटेड ट्रेडिंग:
      ट्रेडिंग बॉट्स का उपयोग करके आप 24/7 ट्रेड कर सकते हैं।

    सीमाएं:

    1. क्रिप्टो की अस्थिरता:
      क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बहुत अधिक होता है, जो जोखिम को बढ़ा सकता है।

    2. विदेशी प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग:
      Delta Exchange भारत में स्थित नहीं है, इसलिए किसी कानूनी विवाद या समस्या की स्थिति में भारतीय उपयोगकर्ताओं को समर्थन प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है।

    3. टैक्स और नियमन:
      क्रिप्टोकरेंसी पर लगाए गए उच्च टैक्स और TDS से लाभ कम करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


    भारत में Delta Exchange का सुरक्षित उपयोग कैसे करें?

    1. सत्यापित वॉलेट का उपयोग करें:
      हमेशा अपने फंड को ट्रांसफर करने के लिए एक सुरक्षित और सत्यापित क्रिप्टो वॉलेट का उपयोग करें।

    2. लीवरेज का सावधानीपूर्वक उपयोग करें:
      लीवरेज से बड़े लाभ की संभावना होती है, लेकिन इससे बड़ा नुकसान भी हो सकता है। केवल उतना ही जोखिम लें जितना आप संभाल सकते हैं।

    3. टैक्स अनुपालन:
      अपनी क्रिप्टो आय और लेन-देन का उचित रिकॉर्ड रखें और इसे आयकर रिटर्न में सही तरीके से रिपोर्ट करें।

    4. मार्केट रिसर्च:
      ट्रेडिंग से पहले क्रिप्टो मार्केट की अच्छी तरह से रिसर्च करें। भावनाओं के बजाय तथ्यों के आधार पर निर्णय लें।

    5. सुरक्षा उपाय:

      • Two-Factor Authentication (2FA) का उपयोग करें।
      • अपने खाते की लॉगिन डिटेल्स और वॉलेट की जानकारी गोपनीय रखें।




    Post a Comment

    0 Comments